मेक्सिको के पहाड़ों में जब धुंध छाती है, तो वहां की हवाओं में एक नाम गूंजता है ‘एल मेंचो’। नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स, वो नाम जिसने ‘जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल’ (CJNG) को दुनिया का सबसे खूंखार ड्रग साम्राज्य बना दिया। लेकिन हाल ही में मेक्सिकन गलियारों और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) के बीच एक ऐसी कहानी तैर रही है, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। क्या वाकई एक महिला, या कहें कि एक ‘लव इंटरेस्ट’ की वजह से दुनिया का सबसे वांटेड अपराधी मेक्सिकन मिलिट्री के जाल में फंस गया?
कौन है एल मेंचो (El Mencho)? एक खूंखार साम्राज्य का उदय
एल मेंचो कोई साधारण अपराधी नहीं था। उसने मेक्सिको की पुरानी कार्टेल व्यवस्था को उखाड़ फेंका और अपनी खुद की एक ऐसी सेना खड़ी की, जो मेक्सिकन सेना को भी टक्कर देने की ताकत रखती थी। CJNG (Jalisco New Generation Cartel) ने न केवल ड्रग्स का कारोबार किया, बल्कि उन्होंने ‘नार्को-टेररिज्म’ को एक नई परिभाषा दी। ड्रोन से बमबारी करना हो या सड़क पर सरेआम हथियारों का प्रदर्शन, मेंचो ने कभी अपनी ताकत दिखाने में कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन सवाल यह है कि जो आदमी सालों तक पहाड़ों और जंगलों में छिपकर रहा, जिसकी एक झलक पाने के लिए अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था, वो अचानक रडार पर कैसे आ गया?
US इंटेलिजेंस और ‘ऑपरेशन ब्लैक विडो’
कहते हैं कि जब कोई किला बाहर से नहीं टूटता, तो उसे अंदर से तोड़ा जाता है। अमेरिकी एजेंसी DEA (Drug Enforcement Administration) और मेक्सिकन इंटेलिजेंस ने सालों तक मेंचो के लॉजिस्टिक्स पर नज़र रखी, लेकिन उसे पकड़ना नामुमकिन था क्योंकि उसके पास वफादार गुर्गों की एक बड़ी फौज थी।
ऑपरेशन की असली शुरुआत तब हुई जब ‘सिग्नल इंटेलिजेंस’ के जरिए एक ऐसी महिला का पता चला, जो मेंचो के काफी करीब थी। हालांकि आधिकारिक रूप से मेंचो की पत्नी रोसालिंडा गोंजालेज वालेंसिया (Rosalinda González Valencia) पहले से ही पुलिस की रडार पर थी, लेकिन खुफिया सूत्रों का दावा है कि मेंचो की ज़िंदगी में एक नई एंट्री हुई थी। यही वो ‘कमज़ोर कड़ी’ थी जिसे US इंटेलिजेंस ने ‘एकिलीज़ हील’ (Achilles’ Heel) मान लिया।
वो एक कॉल जिसने लोकेशन लीक कर दी
सुरक्षा एजेंसियों ने एक सैटेलाइट फोन को ट्रैक किया जो केवल कुछ ही मिनटों के लिए सक्रिय होता था। यह कॉल मेक्सिको के जलिस्को और मिचोआकन के सीमावर्ती पहाड़ों से किया गया था। इस कॉल का मकसद किसी ड्रग डील के बारे में बात करना नहीं था, बल्कि एक निजी मुलाकात की व्यवस्था करना था।
इंटेलीजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, मेंचो अपनी सुरक्षा को लेकर इतना सनकी था कि उसने सालों से अपने परिवार तक से दूरी बना ली थी। लेकिन अपनी ‘गर्लफ्रेंड’ (जिसकी पहचान सुरक्षा कारणों से गुप्त रखी गई है) से मिलने की उसकी इच्छा उसके काल का कारण बनी। मेक्सिकन मिलिट्री की स्पेशल फोर्सेज और अमेरिकी ड्रोन्स ने उस इलाके को घेरना शुरू कर दिया जिसे ‘मेंचो का किला’ कहा जाता था।
जंगल में आधी रात का ऑपरेशन
ऑपरेशन की रात बहुत खौफनाक थी। मेक्सिकन सेना की ‘एलिट कमांडो यूनिट’ ने बिना किसी लाइट और शोर के पहाड़ों में चढ़ाई शुरू की। ऊपर से ‘प्रिडेटर ड्रोन्स’ पल-पल की जानकारी दे रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि मेंचो को अपने ‘इंटेलिजेंस नेटवर्क’ पर इतना भरोसा था कि उसे लगा कि कोई भी उसकी लोकेशन तक नहीं पहुंच सकता। लेकिन जब पहला ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर उसके ठिकाने के ऊपर मंडराया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहां हुई भारी गोलीबारी में कई कार्टेल सदस्य मारे गए।
क्या मेंचो मारा गया या ये सिर्फ एक झांसा है?
यहाँ से कहानी में एक नया मोड़ आता है। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि मेंचो उस ऑपरेशन में मारा गया, जबकि कुछ का दावा है कि वो बुरी तरह घायल अवस्था में भागने में सफल रहा। मेक्सिको की अंडरवर्ल्ड में यह अफवाह भी गर्म है कि मेंचो पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी (Kidney Failure) से जूझ रहा था और उस ऑपरेशन के दौरान उसे इलाज नहीं मिल पाया, जिससे उसकी मौत हो गई।
लेकिन क्या वाकई ‘गर्लफ्रेंड’ वाला एंगल सच है? मेक्सिकन मिलिट्री के एक रिटायर्ड अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “बड़े-बड़े अपराधी अक्सर अपनी भावनाओं के हाथों ही पकड़े जाते हैं। जब आप दुनिया से कट जाते हैं, तो अकेलापन आपको गलतियां करने पर मजबूर कर देता है।”
CJNG का भविष्य: मेंचो के बाद कौन?
अगर मेंचो का अंत हो चुका है, तो सवाल उठता है कि अब इस अरबों डॉलर के साम्राज्य का मालिक कौन होगा? मेंचो का बेटा ‘एल मेंचिटो’ पहले से ही अमेरिकी जेल में है। उसकी बेटी जेसिका जोहाना भी कानून के शिकंजे में रही है। ऐसे में कार्टेल के भीतर वर्चस्व की जंग शुरू हो सकती है, जो मेक्सिको के लिए और भी ज्यादा हिंसा का सबब बन सकती है।
US-Mexico तालमेल की नई मिसाल
यह ऑपरेशन इस बात का भी सबूत है कि अगर US इंटेलिजेंस का तकनीकी ज्ञान और मेक्सिकन मिलिट्री का ‘ग्राउंड पावर’ मिल जाए, तो दुनिया के किसी भी अपराधी का बचना नामुमकिन है। ‘एल चापो’ के बाद ‘एल मेंचो’ का अंत इस बात का संदेश है कि ‘नार्को साम्राज्य’ की उम्र लंबी नहीं होती।
इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े तानाशाह और अपराधी का पतन किसी तकनीकी चूक से नहीं, बल्कि किसी मानवीय भावना या कमजोरी की वजह से हुआ है। एल मेंचो की कहानी भी इसी ओर इशारा करती है। चाहे वह उसकी गर्लफ्रेंड थी, या उसकी अपनी बीमारी, या फिर सुरक्षा एजेंसियों का बिछाया गया जाल सच्चाई यही है कि आतंक का अंत निश्चित है।
क्या एल मेंचो का अध्याय वास्तव में बंद हो गया है? इसका जवाब आने वाले समय में मेक्सिको की सड़कों पर होने वाली हलचल से मिल जाएगा। लेकिन फिलहाल, ‘गर्लफ्रेंड’ और ‘इनसाइड स्टोरी’ ने इस मामले को मेक्सिको के इतिहास की सबसे चर्चित अपराध गाथा बना दिया है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, सुरक्षा एजेंसियों के दावों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। इस लेख का उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा, ड्रग तस्करी या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं है। लेखक और प्रकाशक किसी भी घटना की पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते, क्योंकि कार्टेल की दुनिया अक्सर अफवाहों और रहस्यों से घिरी होती है।
