यह आसान और बेहतरीन व्यंजन बनाकर इस होली के त्योहार को यादगार बनाएं
होली का नाम सुनते ही सबसे पहले क्या याद आता है? हवा में उड़ता हुआ लाल-गुलाबी गुलाल, अपनों के साथ हंसी-ठिठोली, पुराने गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलना, और… घर की रसोई से आती हुई देसी घी और मिठाइयों की वह सोंधी-सोंधी महक!
दोस्तों, भारत में कोई भी त्योहार बिना अच्छे खाने के पूरा नहीं होता, और होली तो वैसे भी ‘खातिरदारी’ का त्योहार है। जब मेहमान रंगों से सराबोर होकर घर आते हैं, तो उन्हें परोसने के लिए सिर्फ बाजार की मिठाइयां काफी नहीं होतीं। असली मजा तो तब है जब आप अपने हाथों से बने व्यंजनों से उनका स्वागत करें।
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अक्सर हमें लगता है कि त्योहारों का खाना बनाना बहुत मुश्किल और थकाऊ काम है। लेकिन यकीन मानिए, अगर आप सही प्लानिंग और कुछ आसान टिप्स के साथ चलें, तो रसोई में घंटों पसीना बहाए बिना ही आप बेहतरीन दावत तैयार कर सकते हैं।
आइए, इस होली को कुछ ऐसे लाजवाब और आसान व्यंजनों के साथ यादगार बनाते हैं, जिन्हें खाकर आपके मेहमान उंगलियां चाटते रह जाएंगे और पूछेंगे “इसे किस हलवाई से मंगवाया?”
त्योहार की जान: पारंपरिक मावा गुजिया (Mawa Gujiya)
होली हो और गुजिया न बने, ऐसा तो हो ही नहीं सकता! गुजिया के बिना होली की थाली अधूरी है। बाहर से खस्ता और अंदर से मावा (खोया), सूजी और मेवों की मिठास से भरी गुजिया हर किसी की फेवरेट होती है।
सामग्री:
- आटे के लिए: 2 कप मैदा, 4 बड़े चम्मच देसी घी (मोयन के लिए), पानी (गूंथने के लिए)।
- भरावन के लिए: 1 कप कद्दूकस किया हुआ मावा (खोया), ½ कप पिसी हुई चीनी, ¼ कप भुनी हुई सूजी, ¼ कप बारीक कटे मेवे (बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश), 1 छोटी चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच सूखा कद्दूकस किया नारियल।
- तलने के लिए: देसी घी या रिफाइंड तेल।
बनाने की विधि:
- आटा गूंथना: एक बर्तन में मैदा लें और उसमें घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जब मैदा मुट्ठी में बंधने लगे, तो समझ लें कि मोयन एकदम सही है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। इसे 20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रख दें।
- भरावन तैयार करना: एक पैन में मावा को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें और ठंडा होने दें। एक अलग पैन में 1 चम्मच घी डालकर सूजी को भून लें। अब एक बड़े बाउल में भुना हुआ मावा, सूजी, पिसी चीनी, कटे हुए मेवे, नारियल और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।
- गुजिया का आकार देना: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पूरी के आकार में बेल लें। इसे गुजिया के सांचे में रखें, बीच में 1-2 चम्मच भरावन डालें, किनारों पर हल्का पानी लगाकर सांचे को बंद कर दें और अतिरिक्त आटा हटा लें। (अगर सांचा नहीं है, तो आप हाथ से भी किनारों को गूंथ सकते हैं या कांटे/fork से डिज़ाइन बना सकते हैं)।
- तलना: कढ़ाई में घी या तेल गर्म करें। आंच को मध्यम से धीमा रखें और गुजिया को सुनहरा और खस्ता होने तक तल लें।
शेफ की खास टिप: गुजिया तलते समय आंच हमेशा धीमी रखें, वरना ये बाहर से तो पक जाएंगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएंगी और इन पर बुलबुले (bubbles) आ जाएंगे।
ताज़गी का एहसास: शाही केसरिया ठंडाई (Kesar Thandai)
होली की थकान मिटाने और शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए ठंडाई से बेहतर कोई ड्रिंक नहीं है।
सामग्री:
- 1 लीटर फुल क्रीम दूध
- ½ कप चीनी
- ठंडाई मसाला पेस्ट के लिए: ¼ कप बादाम, 2 बड़े चम्मच काजू, 2 बड़े चम्मच पिस्ता, 2 बड़े चम्मच मगज (खरबूजे के बीज), 1 बड़ा चम्मच खसखस (पोस्ता दाना), 1 बड़ा चम्मच सौंफ, ½ छोटी चम्मच काली मिर्च के दाने, 4-5 हरी इलायची, चुटकी भर केसर, कुछ गुलाब की पंखुड़ियां।
बनाने की विधि:
- पेस्ट बनाएं: ठंडाई मसाले की सभी सामग्रियों को (केसर को छोड़कर) रात भर या कम से कम 4-5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। बादाम का छिलका उतार लें। अब इन सभी चीजों को मिक्सी में थोड़ा सा पानी या दूध डालकर बिल्कुल बारीक और चिकना पेस्ट बना लें।
- दूध तैयार करना: एक बर्तन में दूध उबाल लें। जब दूध उबल जाए तो उसमें चीनी और केसर डालकर 5 मिनट तक और पकाएं।
- मिक्सिंग: अब तैयार किया हुआ ठंडाई का पेस्ट दूध में अच्छी तरह मिला लें। इसे 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें ताकि मसालों का स्वाद दूध में आ जाए।
- सर्विंग: दूध को गैस से उतारकर पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर इसे फ्रिज में 3-4 घंटे के लिए रख दें। जब भी मेहमान आएं, बर्फ के टुकड़े और ऊपर से कटे हुए पिस्ते व गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर परोसें।
मुंह में घुल जाने वाले: चटपटे दही भल्ले (Dahi Bhalla)
होली के दिन मीठा खा-खाकर जब मुंह का स्वाद बदल जाए, तब दही भल्ले की खट्टी-मीठी और तीखी चाट जान डाल देती है।
सामग्री:
- 1 कप उड़द की धुली दाल (रात भर भीगी हुई)
- ¼ कप मूंग की धुली दाल (रात भर भीगी हुई)
- 1 इंच अदरक (कद्दूकस किया हुआ), 1 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई), नमक स्वादानुसार
- तलने के लिए तेल
- सर्विंग के लिए: 3 कप गाढ़ा फेंटा हुआ दही (2 चम्मच चीनी मिली हुई), इमली की खट्टी-मीठी चटनी, धनिया-पुदीने की हरी चटनी, भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, चाट मसाला।
बनाने की विधि:
- बैटर तैयार करना: भीगी हुई दालों का पानी निकालकर मिक्सी में कम से कम पानी के साथ पीस लें। अब इस पिठ्ठी को एक बर्तन में निकालें और अपने हाथों से एक ही दिशा में तब तक फेंटें जब तक कि यह बिल्कुल हल्की और फ्लफी (रुई जैसी) न हो जाए। (चेक करने के लिए बैटर की एक बूंद पानी की कटोरी में डालें, अगर वह तैरने लगे तो बैटर तैयार है)। इसमें अदरक, हरी मिर्च और हल्का नमक मिला लें।
- भल्ले तलना: कढ़ाई में तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर बैटर के छोटे-छोटे पकौड़े (भल्ले) डालकर सुनहरा होने तक तल लें।
- पानी में भिगोना: एक बड़े बर्तन में हल्का गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ा सा नमक और हींग डाल दें। तले हुए भल्लों को तुरंत इस पानी में डाल दें और 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे भल्ले सारा अतिरिक्त तेल छोड़ देंगे और बेहद नरम हो जाएंगे।
- प्लेटिंग: भल्लों को पानी से निकालकर हथेलियों के बीच हल्के से दबाकर पानी निचोड़ लें। प्लेट में भल्ले रखें, ऊपर से खूब सारा मीठा दही डालें, फिर हरी चटनी और इमली की चटनी डालें। आखिर में भुना जीरा, काला नमक, लाल मिर्च और चाट मसाला छिड़क कर सर्व करें।
गर्मागर्म मिठास: रसीले मालपुए (Rabri Malpua)
होली के पारंपरिक पकवानों में मालपुए का एक खास स्थान है। अगर आप इसे रबड़ी के साथ परोसेंगे तो इसका स्वाद दोगुना हो जाएगा।
सामग्री:
- 1 कप मैदा, ¼ कप सूजी, ½ कप कद्दूकस किया हुआ खोया (या मिल्क पाउडर)
- 1 चम्मच सौंफ का पाउडर, ½ चम्मच इलायची पाउडर
- दूध (बैटर बनाने के लिए)
- चाशनी के लिए: 1 कप चीनी, 1 कप पानी, कुछ धागे केसर के।
- तलने के लिए देसी घी।
बनाने की विधि:
- बैटर: एक बाउल में मैदा, सूजी, खोया, सौंफ और इलायची पाउडर मिला लें। अब इसमें धीरे-धीरे दूध डालते हुए एक स्मूद और गाढ़ा (पैनकेक जैसा) बैटर तैयार कर लें। इसे 15 मिनट के लिए रेस्ट दें।
- चाशनी: एक अलग बर्तन में चीनी और पानी डालकर उबालें। केसर डालें और एक तार से थोड़ी कम चिपचिपी चाशनी तैयार कर लें।
- मालपुआ बनाना: एक चौड़े तले वाले पैन (तवे या फ्राइंग पैन) में घी गर्म करें। एक कलछी से बैटर लें और बीच में डालें (यह अपने आप गोल आकार ले लेगा)। धीमी से मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें।
- रसीलापन: घी से निकालकर तुरंत चाशनी में डुबोएं और 2 मिनट बाद निकालकर पिस्ते से गार्निश करके गरमा-गरम परोसें।
खस्ता और नमकीन: लेयर वाले नमक पारे / मठरी
चाय के साथ गपशप करते हुए क्रिस्पी नमक पारे खाने का अपना ही मजा है। इन्हें आप होली से कई दिन पहले बनाकर भी स्टोर कर सकते हैं।
सामग्री:
- 2 कप मैदा, 1 कप गेहूं का आटा
- ½ कप देसी घी (पिघला हुआ)
- 1 चम्मच अजवाइन, 1 चम्मच कसूरी मेथी, नमक स्वादानुसार
- पानी गूंथने के लिए और तेल तलने के लिए।
बनाने की विधि:
- एक बड़े बर्तन में मैदा, आटा, अजवाइन (हाथों से रगड़कर), कसूरी मेथी, नमक और पिघला हुआ घी डालें।
- सबको अच्छे से मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर काफी सख्त आटा गूंथ लें।
- आटे को 15 मिनट ढककर रखें। फिर इसकी बड़ी सी लोई बनाकर रोटी की तरह बेल लें (थोड़ा मोटा रखें)।
- चाकू की मदद से इसे डायमंड या चौकोर आकार में काट लें।
- मध्यम आंच पर तेल गर्म करें और इन टुकड़ों को धीमी आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें। ठंडा होने पर एयरटाइट डिब्बे में बंद कर दें।
चटपटी और करारी: खस्ता मूंग दाल कचौरी (Moong Dal Kachori)
मेहमानों के लिए एक शानदार स्नैक, जो हरी और लाल चटनी के साथ बेहतरीन लगता है।
सामग्री:
- आटा: 2 कप मैदा, ¼ कप तेल, नमक, पानी।
- स्टफिंग: ½ कप पीली मूंग दाल (2 घंटे भीगी हुई और दरदरी पिसी हुई), 2 बड़े चम्मच बेसन, 1 चम्मच सौंफ पाउडर, 1 चम्मच धनिया पाउडर, 1 चम्मच लाल मिर्च, ½ चम्मच अमचूर, ½ चम्मच गरम मसाला, चुटकी भर हींग, नमक, 2 बड़े चम्मच तेल।
बनाने की विधि:
- मैदा में नमक और तेल मिलाकर मुलायम आटा गूंथ लें और 20 मिनट के लिए रख दें।
- स्टफिंग के लिए एक पैन में तेल गरम करें, हींग और बेसन डालकर भूनें। फिर दरदरी पीसी हुई मूंग दाल और सारे मसाले डालकर 7-8 मिनट तक धीमी आंच पर भूनें। इसे ठंडा होने दें।
- मैदे की छोटी लोई लें, इसे कटोरी का आकार दें, बीच में एक चम्मच स्टफिंग भरें और अच्छी तरह बंद कर दें। इसे हथेली से हल्का सा चपटा कर लें (बेलन का इस्तेमाल न करें)।
- बिल्कुल हल्के गर्म तेल में कचौरियां डालें और बहुत धीमी आंच पर दोनों तरफ से फूलने और खस्ता होने तक तलें। इसमें 15-20 मिनट का समय लग सकता है।
शाही और मसालेदार: पंजाबी छोले भटूरे या पूरी के साथ (Spicy Chhole)
जब पूरा दिन स्नैक्स और मिठाइयों से भर जाए, तो मेन कोर्स में कुछ ऐसा चाहिए जो पेट और मन दोनों को संतुष्ट करे। गाढ़े और गहरे रंग वाले पंजाबी छोले इसका बेहतरीन विकल्प हैं।
सामग्री:
- 2 कप काबुली चने (रात भर भीगे हुए)
- 2 टी बैग्स (गहरे रंग के लिए)
- खड़े मसाले: 1 तेजपत्ता, 1 बड़ी इलायची, 1 इंच दालचीनी
- ग्रेवी के लिए: 2 प्याज़ (बारीक कटे), 3 टमाटर (प्यूरी), 1 चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
- मसाले: 2 बड़े चम्मच छोले मसाला, 1 चम्मच लाल मिर्च, ½ चम्मच हल्दी, 1 चम्मच धनिया पाउडर, 1 चम्मच कसूरी मेथी, नमक, तेल/घी।
बनाने की विधि:
- भीगे हुए चनों को प्रेशर कुकर में पानी, नमक, टी बैग्स और खड़े मसालों के साथ 4-5 सीटी आने तक उबाल लें।
- एक कढ़ाई में तेल या घी गरम करें। उसमें बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें।
- अब टमाटर की प्यूरी और सभी सूखे मसाले डालकर तब तक भूनें जब तक कि मसाला तेल न छोड़ दे।
- उबले हुए चने (टी बैग और खड़े मसाले निकालकर) इस मसाले में मिला दें। अगर ग्रेवी गाढ़ी चाहिए तो थोड़े से चनों को कलछी से मैश कर दें।
- 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। ऊपर से कसूरी मेथी और हरा धनिया डालकर गरमा-गरम पूरियों या भटूरों के साथ परोसें।
मीठे की कमी पूरी करने के लिए: ज़र्दा पुलाव (Zarda Pulao/Meethe Chawal)
बसंत और होली के आस-पास पीले मीठे चावल बनाने की पुरानी परंपरा है। यह देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, खाने में उतने ही स्वादिष्ट होते हैं।
सामग्री:
- 1 कप बासमती चावल (आधे घंटे भीगे हुए)
- ¾ कप चीनी
- ¼ कप देसी घी
- ¼ कप कटे हुए मेवे (काजू, बादाम, किशमिश, सूखा नारियल)
- 4-5 छोटी इलायची, 2-3 लौंग
- केसर के धागे (2 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए) या पीला फ़ूड कलर।
बनाने की विधि:
- एक बर्तन में पानी उबालें। उसमें भीगे हुए चावल, थोड़ा सा पीला रंग या केसर डालकर चावलों को 80% तक पकने तक उबाल लें। फिर पानी छान लें।
- एक कढ़ाई में देसी घी गरम करें। उसमें लौंग, इलायची और सारे मेवे डालकर हल्का सा भून लें।
- अब इसमें उबले हुए चावल और चीनी डालकर हल्के हाथों से मिलाएं।
- गैस को बिल्कुल धीमा कर दें, कढ़ाई को ढक दें और 5-7 मिनट तक दम पर पकने दें ताकि चीनी की चाशनी चावलों में अच्छे से जज़्ब हो जाए।
- गैस बंद करें और 10 मिनट तक बर्तन को ढका रहने दें। खिले-खिले मीठे चावल तैयार हैं।
होली पार्टी को सफल बनाने के कुछ बेहतरीन टिप्स (Tips for a Great Holi Party)
त्योहार के दिन आप रसोई में ही न फंसे रहें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ रंगों का मजा भी ले सकें, इसके लिए कुछ तैयारियां पहले से कर लेना समझदारी है:
- प्री-प्लानिंग (Pre-planning): गुजिया, नमक पारे, मठरी और सूखी मिठाइयां आप होली से 3-4 दिन पहले ही बनाकर एयरटाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं।
- चटनियां पहले बनाएं (Make Chutneys Ahead): दही भल्ले और चाट के लिए लगने वाली हरी और मीठी चटनी को 2 दिन पहले बनाकर फ्रिज में रखा जा सकता है।
- ठंडाई का पेस्ट: ठंडाई का मसाला पेस्ट भी आप पहले से बनाकर फ्रिज में रख लें। बस मेहमानों के आते ही इसे दूध में मिलाना रहेगा।
- डिस्पोजेबल का समझदारी से उपयोग: होली में रंगों की वजह से बर्तन साफ करना मुश्किल होता है। इसलिए इको-फ्रेंडली (Eco-friendly) पत्तल या अच्छी क्वालिटी के बायोडिग्रेडेबल बर्तनों का इस्तेमाल करें। इससे आपका समय भी बचेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।
स्वास्थ्य का रखें ध्यान (Health Tips During Holi)
त्योहारों में अक्सर हम डाइटिंग भूल जाते हैं, जो कि ठीक भी है! लेकिन अगर घर में किसी को डायबिटीज है या कोई हेल्थ को लेकर बहुत सजग है, तो आप उनके लिए कुछ छोटे बदलाव कर सकते हैं:
- गुजिया को डीप फ्राई करने के बजाय एयर फ्रायर (Air Fryer) या ओवन में बेक कर सकते हैं।
- चीनी की जगह आप स्टीविया (Stevia), गुड़ या खजूर के पेस्ट का इस्तेमाल करके मिठाइयां बना सकते हैं।
- पानी भरपूर मात्रा में पिएं। होली खेलते समय शरीर में पानी की कमी (Dehydration) हो सकती है, इसलिए सादा पानी, नींबू पानी या छाछ पीते रहें।
होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि स्वाद, प्रेम और सद्भाव का त्योहार है। जब आप अपने हाथों से ये पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं, तो उनमें आपका प्यार भी जुड़ जाता है, जो किसी भी खाने के स्वाद को हजार गुना बढ़ा देता है।
ऊपर बताई गई रेसिपीज न केवल बनाने में आसान हैं, बल्कि इनके लिए सामग्री भी हमारी रसोई में आसानी से मिल जाती है। इस बार बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचें और घर पर ही ये शानदार दावत तैयार करें।
होली के इन खूबसूरत रंगों और बेहतरीन खाने के साथ आपके घर में खुशियों की बौछार हो, यही हमारी कामना है।
आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं! हैप्पी होली! (Happy Holi 2026!)
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख सामान्य जानकारी और पारंपरिक भारतीय पाक कला के आधार पर लिखा गया है। इसमें दी गई सभी रेसिपी (व्यंजन विधियां) घरेलू तरीकों पर आधारित हैं। किसी भी सामग्री (जैसे नट्स, डेयरी उत्पाद या ग्लूटेन) से अगर आपको एलर्जी है, तो कृपया उसका उपयोग करने से बचें या अपने आहार विशेषज्ञ की सलाह लें। बच्चों को खिलाते समय मेवों (Dry Fruits) को अच्छी तरह से पीस लें ताकि गले में न फंसे।
